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Islamic Quotes

KhudKhushi ki Wajah, Azab aur Iska Ilaaj

KhudKhushi (Suicide) in Islam KhudKhushi (Suicide) ka Matlab hai Insan ka Apne Aap ko kisi bhi Zariye se Amdan Qatal karna. Khudkushi Karna Haraam hai aur Kabeerah Gunaah hai. Allah Taala Quraan-e-Kareem me Irshad farmata hai : ۞ Bismillah-Hirrahman-Nirrahim ۞ ✦ Al-Quran: “Aur jo koi kisi Momeen ko Qasdan (Danista) Qatal kar Daale tou iss […]

Nijat ka Matlab | Jo Khamosh Raha Usne Nijat Paai

Nijat / Najat / Najaat ka Matlab ۞ Hadees: Uqba Bin Aamir (R.A.) farmate hai, Maine Arz kiya “Ya Rasool’Allah (ﷺ) ! Najaat kya hai?” Aap (ﷺ) ne farmaya : “Apni Zubaan ko Boori Baato se Roke Rahna Nijat hain.” Tirmizi Sharif ۞ Hadees: Nabi-e-Kareem (ﷺ) ka farman hain: “Jo (boori baaton se) Khamosh Raha […]

Allah Ta’ala ko Lagne waali Sabse Boori baat

♥ Mahum-e-Hadees: Abdullah bin Masood (R.A.) se riwayat hai ki, RasoolAllah (Sallallahu Alaihi Wasallam) ne farmaya: “Allah Subhanhu Ta’ala ko sabse Napasandeeda (Buri) baat ye lagti hai ki koi shakhs kisi se kahe ki Allah se Daro aur wo kahne lage ke Tu apni fikar kar.” – Al SilSila As Sahiha, 2809 – Al Baihiqi,601-Sahih […]

वसीयत जरूर लिखे

रसूलल्लाह (सलाल्लाहू अलैही वसल्लम) ने इरशाद फ़रमाया: “किसी मुसलमान के पास कोई भी चीज़ हो(यानीकिसी का लेना-देना या उस के ज़िम्मे माली हुकूकहों) जिस की वसीयत करना हो तो उसके लिए यहबात ठीक नहीं है कि दो रातें गुज़र जाएं और उसकीवसीयत उसके पास लिखी हुयी न हो।” (सहीह बुखारी)

Meri Ummat me Aise Burey log Paida ho jayenge jo

Allah ke Rasool (ﷺ) ne farmaya: “Meri Ummat me Aise Burey log Paida ho jayenge jo Zinakari, Resham ka Pahenna, Sharab Pina aur Gaane bajane ko halal bana lenge…” [ Sahih Bukhari: Hadees 5590 ] Related Post Sharab se bacho kyunki wo har burayi ki chabi hai Imaan aur Sharab Kabhi Bhi Ek Jagah Nahi […]

धोकेबाजी से सावधान रहें।

धोकेबाजी से सावधान रहें। “झूठे वादे और चमक-धमक वाले उपहारों के द्वारा अनुचित कर्म करवाने का आह्वान करने वाले, दोस्त नहीं धोखेबाज हैं।” नकली संबंधों में अपनी गरिमा और जीवन का बलिदान न करें। Ref: Wisdom Media School

धर्म आत्मज्ञान के लिए है तथा आस्था, कर्म और संस्कृति का संगम जब होता है

धर्म आत्मज्ञान के लिए है। “आस्था, कर्म और संस्कृति का संगम जब होता है तब धर्म प्रबुद्ध होता है। इन में से एक की भी कमी धर्म की आत्मा को नष्ट कर देती है।”

एकजुट हो कर रहें। और सब मिलकर अल्लाह की रस्सी को मज़बूती से पकड़ लो [कुरआन ३:१०३]

एकजुट हो कर रहें। और सब मिलकर अल्लाह की रस्सी को मज़बूती से पकड़ लो और विभेद में न पड़ो। ( कुरआन ३:१०३ ) Ref: Wisdom  Media School | #IslamicQuotes by Ummat-e-Nabi.com

श्रापाची मागणी कदापि करू नका

आपली मुलं आणि नातेवाईक बद्दल रागाच्या भरात श्रापाची मागणी कदापि करू नका. कारण जर त्यावेळी प्रार्थना पूर्ण होण्याची वेळ असेल तर आपली मागणी मान्य. होईल नंतर तुमच्यावर पश्चाताप करण्याची वेळ येईल.

विश्वासघात करू नका

जो व्यक्ती तुमच्यासोबत विश्वासघात करतो तुम्ही त्याच्यासोबत विश्वासघात करू नका. अर्थातच अल्लाह ला विश्वासघाती लोक अजिबात आवडत नाही.

ज्या व्यक्तीकडे या चार गोष्टी आहेत त्यास कोणताही खेद नाही राहणार

ज्या व्यक्तीकडे या चार गोष्टी आहेत त्यास जगातील इतर एखादी वस्तू नसल्याचा खेद नाही राहणार: १. ठेवीचे रक्षण, २. प्रत्येक बाबतीत सत्यता, ३. चांगली सवय, आणि ४. पवित्र उत्पन्न.