बेवजाह तलाक़ चाहने की बुराई।

पोस्ट 29 :
बेवजाह तलाक़ चाहने की बुराई।

सौबान रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि
अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया:

जो भी औ़रत बिला किसी मजबूरी के अपने शोहर से तलाक़ का मुतालबा करती है उस पर जन्ऩत की खुश्बू ह़राम है।

 📕 मुस्नद अहमद, अबू दाऊद, इब्ने माजा,
📕 तिर्मिज़ी, इब्ने ह़िब्बान, ह़ाकिम
रावी: सौबान (स़ही़ह़ अल जामे 2706) (स़ही़ह़)

————-J,Salafy————
इल्म हासिल करना हर एक मुसलमान मर्द-और-औरत पर फर्ज़ हैं
(सुनन्ऩ इब्ने माजा ज़िल्द 1, हदीस 224)

Series : ख़्वातीन ए इस्लाम

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