इंसानी नफ्स बुराई और अच्छाई में साफ़ फर्क महसूस कर लेता है ….

अल्लाह ने इंसान के नफ्स को इस बेहतरीन तरीके से बनाया कि वो बुराई और अच्छाई में साफ़ फर्क महसूस कर लेता है, जब कोई इंसान कोई नेक काम करता है तो उसे अन्दर से एक ख़ुशी महसूस होती है एक सुकून वो अपने अन्दर महसूस कर सकता है,
और जब कोई इंसान शुरू में किसी बुरे काम का इरादा करता है तो उसके दिल में एक खटक सी पैदा होती है वो खटक बहुत कीमती है,
कुरआन हमें बताता है कि जो इंसान दिल की इस आवाज़ की कद्र करता है तो इसमें और ज्यादा बहतरी आती है, और जो इंसान इस आवाज़ की कद्र नहीं करता तो धीरे धीरे यह आवाज़ बंद हो जाती है फिर इंसान उस गुनाह को गुनाह महसूस नहीं कर पाता,

♥ अल-कुरआन: यह अल्लाह की हिदायत है जो उसने हर इंसान के अन्दर रखी है यह एक तराज़ू की तरह है जिसमे हर अमल तौल कर देखा जा सकता है यह इतनी कीमती चीज़ है कि अल्लाह ने फ़रमाया है कि जिसने इसे सवारा वो कामयाब हो गया और जिसने इसे दबाया वो बर्बाद हो गया.
(सूरेह ९१ शम्स, आयत: 7-10) Burayi, Nek, Khushi, Dil, Nafs, Qadr, Gunaah, Aamaal, Kamiyab, Barbadi

AamaalBarbadiBismillahBurayiDilGunaahKamiyabKamiyab koun Honge?KhushiNafsNekQadr
Comments (3)
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  • aijaj

    Bahut. Khub

  • Abdurrahim khan

    JazakAllahu khaira

  • Afaque Fareed

    बेशक, नमाज बुराईयों को रोकती है,

    नेक काम सबसे बेहतरीन सदका है


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