"the best of peoples, evolved for mankind" (Al-Quran 3:110)
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Ittehad

फिरका फिरका खेलने वालो को नबी सलल्लाहू अलैहि वसल्लम की अहम नसीहत

♥ मफहूम ऐ हदीस: अबू सोबान (रज़ीअल्लाहु अन्हु) से रिवायत है के नबी-ऐ-करीम (सलाल्लाहो अलैहि वसल्लम) ने फ़रमाया – बेशक मैंने अपने रब से सवाल किया : “या रब! मेरी उम्मत को कहतसाली से हलाक न करना, इनपर कोई ऐसा गैरमुस्लिम दुश्मन मुसल्लत ना हो जो…

Kuch badi Baat thi jo hotey Musaman bhi Ek

बर्मा, पलेस्थिन और सीरिया में कोई मुसलमान क़त्ल कर दिया जाता है तो कोई नहीं पूछता के वो बरेलवी था, अहले हदीस या देओबंदी ,. सबने रोकर उनकी तकलीफ का इजहार किया इसी तरह कोई मुसलमान साइंस में कोई महारत हासिल कर ले तो सबको ख़ुशी होती है ,.…

मुसलमानों पर परेशानियो के जिम्मेदार कौन ?

आज हम दुनिया में यही रोना रोते है ना के – हुकूमत ज़ालिम है, वो हम पर बेतहाशा जुल्म करते है , हमारे मस्जिदों को तक ढा देते है, हमारे हुकुक अदा नहीं करते, हमे न नौकरिया देती है और न ही कोई वजीफा ,.. कभी सोचा हमने के ऐसे लोगों को हुकूमत पर…

Musalmano me Itehaad aur Kamiyabi par Kaise by Brother Imran

Dour-e-Hajir me Ummate Muslima beshumar fitno me mulawwis hokar jamato aur firqo me bat chuki hai, ab inme ittehad kaise paida ho ? iske talluk se tafseeli jankari ke liye barayemeharbani is Bayan ka jarur mutala kare aur isey jyada se…

काश ये इत्तेहाद हम’में पहले से होता ?

"काश ये इत्तेहाद हम'में पहले से होता ,.. तो शाने-नबी में गुस्ताखी, किसी मरदूद की जुर्रत ना होती .. *ना करता अहानते रसूल की हिम्मत कोई ,.. गर मेरे नबी के अहसानों का इन्हें इल्म होता .. " * * * * * *मेरे अज़ीज़ भाइयो ,. - ये वक्त की…

Momin Ki Hurmat Kaabe Se Bhi Badhkar ….

♥ Mafhoom-e-Hadees: "Muslim blood more sacred than the Ka`ba Musharrafa" *Allah ke Rasool (Sallallahu Alaihay Wasallam) Ne Kaaba-e-Mouzzama Se Muqhaatib Ho Ke Farmaya: "Momin Ki Hurmat Tujh Se Jyada Hain. " - (Tabarani:…

Kya Shariyat Ne Hume Firqo Me Batney Ka Hukm Diya ?

♥ Mafhoom-e-Hadees: Rasool'Allah (Sallallahu Alaihay Wasallam) Ne Farmaya Ke - Meri Ummat 73 Firqon Me Bategi, Sab Jahannumi Honge, Sirf 1 Firqa Jannati Hoga Jo Mere Aur Mere Sahaba Ke Aqeede Par Hoga..” – (Tirmizi Sharif, Jild:2 Safa:255)…