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बलात्कार रोकने के कुछ उपाय (Rape Ke Khilaf Ek Jung) ….

हमारे देश भारत में जो क्राइम इस समय सबसे ज़्यादा हो रहा है वह है बलात्कार व सामूहिक बलात्कार। वर्तमान में इसका ग्राफ चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है। इसे रोकने के लिये तरह तरह के उपाय सुझाये जा रहे हैं। लेकिन विडंबना ये है कि जिनके ऊपर इस तरह के जुर्म रोकने की जिम्मेदारी है उनमें बहुत से खुद ही कहीं न कहीं इसमें शामिल हैं।

कई लोगों के मशविरा है कि लड़कियों को पर्दे में रहकर बाहर निकलना चाहिए। लेकिन जंगल में हिरन लाख छुपकर निकले, अगर किसी दरिन्दे की नज़र उसपर पड़ गयी तो उसका बचना नामुमकिन ही होता है। लिहाजा लड़कियों को परदे के साथ साथ लडको को अपनी नज़रे नीची रखने की तालीम देना भी उतना ही जरुरी है !
– सख्त कानून और फांसी की भी बात चलायी जा रही है लेकिन ये सब तभी मुमकिन है जब दरिन्दा पकड़ा जाये और उसके खिलाफ पर्याप्त सुबूत भी हों। लेकिन अधिकाँश मामलों में ऐसा होता नहीं। ऐसे में बलात्कार जैसे अपराधों की रोकथाम के लिये कुछ दूसरे उपायों पर गौर करना ज़रूरी हो जाता है।

»१. शराबबंदी :
पहला उपाय ये है कि देश में पूरी तरह शराबबंदी घोषित कर दी जाये। इससे न केवल बलात्कार बल्की दूसरे अपराधों में भी अच्छी खासी कमी हो जायेगी। क्योंकि शराब पीने के बाद मनुष्य की भावनाएं प्रबल हो जाती हैं और अक्ल का नाश हो जाता है। शराब पीने के बाद उसकी कई गुना बढ़ी वासना उसे कहीं से भी अपने को शांत करने के लिये उकसाती है लेकिन उसका परिणाम क्या होगा उसकी तरफ उसकी अक्ल कुछ भी सोचने नहीं देती। बलात्कार जैसे ज़्यादातर मामलों में अपराधी को नशे में ही पाया गया।
आज बहुत सी संस्थाएं तम्बाकू, पान मसाले वगैरा पर रोक की माँग कर रही हैं और कई जगह इनपर रोक लग भी चुकी है। लेकिन उससे पहले शराब पर रोक लगनी चाहिए। शराब ने तो अपने व्यापारियों को भी नहीं छोड़ा (पोंटी चडढा का केस)। यह सच है कि इससे सरकार के रेवेन्यू को बहुत बड़ा झटका लगेगा, लेकिन इसके बाद ऊर्जावान युवकों का जो ग्रुप उभरेगा (शराब छोड़ने के बाद) वह इस झटके से देश को पूरी तरह उबार देगा।

»२. आत्मरक्षा की ट्रेनिंग :
दूसरा उपाय ये है कि लड़कियों को बचपन से ही आत्मरक्षा की ट्रेनिंग अनिवार्य रूप से दी जाये। हर जगह पुलिस का पहरा नहीं लगाया जा सकता और वैसे भी कुछ पुलिसवाले खुद ही अपनी वासना को शांत करने की फिराक में रहते हैं। लड़कियों के पास आत्मरक्षा के लिये हर समय कुछ हथियार भी रहने चाहिए जिससे वह कम से कम हमलावर को नपुंसक बना सके। कानूनी तौर पर लड़कियों को कुछ हथियार हर समय रखने की छूट दे देनी चाहिए जैसे कि सिखों को कृपाण रखना अनिवार्य है।

»३. कम उम्र में विवाह :
तीसरा उपाय है कम उम्र में विवाह। हर लड़के में जवानी के समय काम वासना प्रबल होती है, इससे किसी को इंकार नहीं हो सकता। तेज़ पानी के प्रवाह को अगर सही दिशा न दी जाये तो वह अक्सर मज़बूत बाँध को भी तोड़कर सब कुछ तहस-नहस कर देता है। सही उम्र में विवाह उसकी वासनाओं को कण्ट्रोल करने के लिये पर्याप्त हो सकता है।
यह हमारे देश की विडंबना है कि नौकरी और कैरियर के चक्कर में अच्छी खासी उम्र तक युवक शादी के बारे में सोच भी नहीं पाता और इस सिचुएशन में अगर वह आत्मशक्तिशाली नहीं हुआ तो गलत रास्ते पर जाते उसे देर नहीं लगती। सरकार जनसंख्या बढ़ने की चिंता में ज्यादा उम्र की शादियों को बढ़ावा दे रही है लेकिन जनसंख्या न बढ़ने के दूसरे उपाय भी अपनाये जा सकते हैं। : @[156344474474186:]

हमारा विचार है कि इन उपायों के बाद भी अगर कोई बलात्कार जैसे कुकर्म में लिप्त होगा तो वह केवल शैतान ही होगा।
Zina Bil Jabr, Rape, Balatkar Rokne Ke Kuch Upaay

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1 Comment on "बलात्कार रोकने के कुछ उपाय (Rape Ke Khilaf Ek Jung) …."

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Sameer
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Sameer
8 months 6 days ago
Napunsak banaane ka kaam islami tariqa nahi hai. Islam kisi ke private parts to kaatne ya kisiko sexual torture karne se sakht manaa karta hai. Ye sab aj kal western media ki badaayi ki wajah se log ye samajhna shuru kar rahe hain ki ladkiyaan ladko ko napunsak banaa sakte hain. Lekin islam ne dono ko barabar banaya hai, kya ap ye kahenge ki agar koi aurat kisi mard ko kabhi zabardasti karne ki koshish agar kare to kya uske private parts kaatna jayez hai? Bilkul nahi. Islam me mard ya aurat dono ke gunaaho ko ek hi saza di… Read more »
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