"the best of peoples, evolved for mankind" (Al-Quran 3:110)

Kisi Ko Nuqsaan Na Pahunchhao

♥ Mafhoom-e-Hadees: RasoolAllah (Sallallahu Alaihay Wasallam) Ne Irshad Farmaya; " Na Kisi Ko Nuqsaan Pahunchhao, Na Nuqsaan Pahunchane Ka Zariyah Bano." - (Musnad Ahmad : 2865) ♥ In Sha Allah ul Azeez !!! Allah Ta'ala hume Kehne Sun'ne se…
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Azaan ki Awaz se bujh gayi aag

इंदौर (मध्यप्रदेश) शहर के बाम्बें बाजार की एक होटल में गैस की टंकी में आग लगी, जब सब कोशिश करने के बाद भी आग नहीं बुझी, तो आगे आकर एक अल्लाह के बन्दे ने अजान पढ़ी और आग बुझ गयी | खैर अज़ान की फ़ज़ीलत से मुतालिक पहले भी ऐसे कई दिलचस्ब वाकियात…
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जानिए – क्यों मनायी जाती है बकरी ईद

ईद उल अज़हा को सुन्नते इब्राहीम भी कहते है। इस्लाम के मुताबिक, अल्लाह ने अपने नबी(प्रेषित) हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की परीक्षा लेने के उद्देश्य से अपनी सबसे प्रिय चीज की कुर्बानी देने का हुक्म दिया। - हजरत इब्राहिम को लगा कि उन्हें सबसे…
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हदीस का परिचय ….

पवित्र क़ुरआन के बाद मुसलमानों के पास इस्लाम का दूसरा शास्त्र अल्लाह के रसूल मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की कथनी और करनी है जिसे हम हदीस और सीरत के नाम से जानते हैं। ♥ हदीस की परिभाषाः हदीस का शाब्दिक अर्थ है: बात, वाणी और ख़बर।…
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आखिरत – इस्लाम की तीसरी अनिर्वाय आस्था

आखिरत का अर्थ होता है – परलोकवाद (अंतिम प्रलय या मृत्यु के पच्छात जीवन पर विश्वास): *जैसे के: हम इस जीवन से पहले मृत्य थे, इश्वर(अल्लाह) ने हमे पृथ्वी पर भेजा (जीवन दिया).. तो एक मृत्यु और उसके बाद ये जीवन एक हुआ ,. इस जीवन के बाद फिर एक…
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रिसालत – इस्लाम की दूसरी अनिर्वाय आस्था

*रिसालत का अर्थ होता है के जब अल्लाह ने पृथ्वी पर मानवो को भेजा तो मानव क्या करे और क्या ना करे , कैसे जीवन व्यक्त करे इसके मार्गदर्शन के लिए इश्वर(अल्लाह) मानवो में से एक मानव को चुन लेता था फिर वो अपनी वाणी उस तक भेजता था और फिर उन्हें…
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तौहीद – इस्लाम की पहली अनिर्वाय आस्था

इस्लाम की सबसे पहली जो आस्था है तौहिद इसको हम आपके सामने रखते है जो मानवता को बताने के लिए इश्वर (अल्लाह) ने हर समय, हर समुदाय, हर जाती के अंदर प्रेषित (नबी, इश्दुत) भेजे ताकि मानवों को बता दे और उनका रिश्ता श्रुष्टि के रचियेता एक इश्वर से…
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इस्लाम की मूल आस्थाये

इस्लाम की मुल आस्थाये ३ है , जिन्हें मानना सम्पूर्ण मानवजाति के लिए अनिर्वाय (Compulsory) है | १) तौहिद – एकेश्वरवाद (एक इश्वर में आस्था रखना) २) रिसालत – प्रेशित्वाद (इशदुत, नबी, Messengers) ३) आखिरत – परलोकवाद (मृत्यु के बाद का जीवन)
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अल्लाह कौन है ?

हमारे मन में यह प्रश्न बार बार उभरता है कि अल्लाह कौन है ? वह कैसा है ? उस के गुण क्या हैं ? वह कहाँ है ? अल्लाह का शब्द मन में आते ही एक महान महिमा की कल्पना मन में पैदा होती है जो हर वस्तु का स्वामी और रब हो। उसने हर वस्तु को एकेले…
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इस्लाम क्या है ? (इस्लाम का संशित परिचय)

#_इस्लाम_क्या_है_? "..सम्पूर्ण प्रशंशा उस एक सत्य इश्वर (अल्लाह) के लिए है जो सारे संसार का रचियेता और पालनकर्ता है, और इश्वर की शांति और कृपा हो उसके अंतिम संदेष्ठा मुहम्मद सलाल्लाहो अलैहि वसल्लम पर|.." इस्लाम धर्म एक ऐसा धर्म है जिसके…
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दुनिया को सबसे ज्यादा फायदा पोहचाने वालो की सूचि में पेहला नाम है मुहम्मद (स.)

१९७८ में अमेरिका के एक बोहोत ही मशहूर फिलोसोफेर माइकल हार्ट ने एक किताब लिखी जिसमे उन्होंने दुनिया के सबसे पहले इन्सान से लेकर १९७८ तक के जितने भी ऐसी शख्सियत गुजरी जिनका दुनिया पर सबसे बडे पैमाने में असर हुआ उनकी टॉप १०० की लिस्ट बनायीं…
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