आश्रम के बलात्कारी बाबाओ को बचाने अब दलाल मीडिया “मुस्लिम गर्ल्स हॉस्टल” को कर रही बद्दनाम

जब पुरे देश से आश्रमों में इनके बलात्कारी बाबाओ की रंगरलिया पकड़ी जाने लगी तो इस्लाम विरोधी मीडिया अपनी औकात पर आ गई,.
याद रहे मीडिया के इस घटिया प्रोपगंडे पर ध्यान मत दीजिए। गर्ल्स हास्टल को “मदरसा” कह कर ये लोग अपने हरामखोर बाबाओ के कारनामो से आपका ध्यान भटकाना चाह रहे है । बताईए कोई मदरसा चलाने वाला व्यक्ति बिना दाढ़ी का होता है ?

इन्हीं साजिशों से बचकर रहने कि आवश्यकता है।


लखनऊ के एक सोशल एक्टिविस्ट सलमान शेख ने लिखा है –

मैं लखनऊ से हूँ ! बात ये है कि मदरसे के जो संस्थापक हैं (उन्ही की ज़मीन भी है) , उनको शक़ हुआ कि जिस आदमी को उन्होंने मदरसे में पढ़ाने के लिए रखा है, वो कब्ज़ा करना चाहता है ! उसने होस्टल टाइप भी शुरू कर दिया जो कि नहीं होना चाहिए ! उसको ठिकाने लगाने के लिए ये ड्रामा किया गया ! सीधी उँगली से घी नहीं निकल रहा था तो उंगली टेढ़ी कर ली गयी ! बाकी मीडिया की बकवास एक झूठे प्रोपगेंडे से ज़्यादा कुछ नही है !

इसके बाद पुलिस ने मदरसे पर अपना काम किया और रही सही कसर मीडिया ने तोड़ दी ही। सोशल मीडिया पर इस खबर को लेकर काफी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं एक फेमस सोशल एक्टिविस्ट Shadan Ahamad ने इस मामले की जड़ तक जाकर सरकार को घसीटा है.

Shadan Ahmad लिखते हैं

खबर यह आ रही है के मीडिया जिसको मदरसा बता के बदनाम करने के लिएे खबर चालाया वोह दरसल Woman Pg था. मदरसों में तो उनको कुछ मिल नही पाता , तुफान मचा नही पा रहा. अब यह मीडिया वाले PG को मदरसा क्यूँ बताया ,यह तो अाप समझ ही गयी होंगे . मीडिया का one point agenda दिन रात का एक ही है इस्लाम से नफरत पैदा करना .

जिस तरह से अाप का कोई नेता नही है वैसा ही कोई बड़ा tv मीडिया अाप के पास नही है जो सच दिखा के इनको बेनकाब कर पाये.

Shasan Ahmad की दूसरी में उन्होंने फिर लिखा

लोगों ने पहले ही आगाह किया था जिस रफतार से ब्रहामन बाबा लोग अश्रामों में धरा रहे हैं ,बैलन्स बनाने के लिएे किसी ना किसी मुल्ले की गर्दन जल्दी चाहिए ,मदरसा टार्गेट हो सकता है. लखनऊ में मुफ़ति पर इलजाम लगाया गया है पिटायी का , मगर मामला बाबाओं के बराबार करने के लिएे पुरी तरह से यौन शोषन का बना के दिखा दिया गया है , जबकी खाना बनाने वाली औरत जो रोज़ मदरसे में जाती थी साफ कह रही है हमने कभी ऐसा नही देखा.

जिन की बच्चियां पढती थीं उनकी माँ कह रही है हमारी बच्चियों ने कभी ऐसी शिकायत नही की. SP साहब तिवारी जी बड़े सक्रये हो गये हैं ,मीडिया लिखती है लड़कियों को ‘Rescue ‘ किया गया .काहे का Rescue बे , आश्रम की तरह वहां लठइत ,बन्दुक धारी गुंडे थे जो बंधक बनाये हुए थे लड़कियों को ताक़त से ?

बाबाओं के आश्रम को तो पुलिस घेर कर कितने दिन रखती थी ,अंदर से गोली चलती थी . यहा तो किसी लड़की ने छत से प्रताड़न होने का खत गिराया (रेप की शिकायत ही नही है ,बुरे व्यवहार की शिकायत है ) तो खबर मिलते ही मदरसे के मालिक और अन्य लोक़ल मुस्लिम ने पुलिस बुलाया और मुफती को गिर्फतार करवाया. यह बुनियादी फर्क है मानसिकता का ,दूसरा एंगल जो आ रहा है जैसा लखनऊ के लोकल बता रहे हैं के ज़मीन का मामला है, ज़मीन के मालिक को ज़मीन वापस चाहिए थी।

फिर ‘Rescue ‘ कैसे हुआ बे . शिकायत हुई होस्टेल को सिल कर दिया गया ,सही गलत बाद में पता चलेगा पर मुस्लिम पहले लड़कियों के समर्थन में खड़े हुए .

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