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पशुओं और परिंदों का समाजी जीवन …

*पवित्र क़ुरआन और जीव विज्ञान (Holy Quran & Biology) ♥ अल-क़ुरआन: "धरती पर चलने वाले किसी पशु और हवा में परों से उड़ने वाले किसी परिंदे को देख लो यह सब तुम्हारे ही जैसी नस्लें हैं और हम ने उनका भाग्य लिखने में कोई कसर नहीं छोड़ी हैः फिर यह सब अपने रब की ओर समेटे जाते हैं।" - (सूर: 6 ; आयत-38 ) *शोध से यह भी प्रमाणित हो चुका है कि पशु और…
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कसम उस वक़्त की” और ”जब ज़िन्दगी शुरू होगी”…

''कसम उस वक़्त की'' और ''जब ज़िन्दगी शुरू होगी'' के नाम से पोस्ट की पूरी सिरीज़ आप में से अक्सर लोग यहाँ पढ़ चुके हैं. - एक में नास्तिकों के अक्सर सवालों के जवाब…
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काश ये इत्तेहाद हम’में पहले से होता ?

"काश ये इत्तेहाद हम'में पहले से होता ,.. तो शाने-नबी में गुस्ताखी, किसी मरदूद की जुर्रत ना होती .. *ना करता अहानते रसूल की हिम्मत कोई ,.. गर मेरे नबी के…
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