"the best of peoples, evolved for mankind" (Al-Quran 3:110)

⭐ Kuch badi Baat thi jo hotey Musaman bhi Ek

बर्मा, पलेस्थिन और सीरिया में कोई मुसलमान क़त्ल कर दिया जाता है
तो कोई नहीं पूछता के वो बरेलवी था, अहले हदीस या देओबंदी ,.
सबने रोकर उनकी तकलीफ का इजहार किया

इसी तरह कोई मुसलमान साइंस में कोई महारत हासिल कर ले
तो सबको ख़ुशी होती है ,.
कोई भी उसके जमात और फिरके का खयाल नहीं करता ,.

लेकिन इबादत का जब मसला आता है तो हम आपस में
गिरोह और फिरको के फिकरी इख्तेलाफ़ में बट जाते है …
नतीजतन जालिम हुकुमराह हमपर मुसल्लत होते है ,..

*इसी बात को अल्लामा इकबाल अपने अशार में कहते है –
मंनफियत (नफा) एक है इस कौम का नुकसान भी एक ,
एक ही सबका नबी, दींन भी, ईमान भी एक |
हरमे पाक भी, अल्लाह भी, कुरान भी एक ,
कुछ बड़ी बात थी जो होते तुम सब मुसलमान भी ऐक |

♥ इंशा’अल्लाह-उल-अज़ीज़ !
– अल्लाह रब्बुल इज्ज़त हम सबको एक और नेक बनाये ,..
– हमे सिरते मुस्तकीम पर चलाये (अमीन अल्लाहुम्मा अमीन)

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1 Comment on "Kuch badi Baat thi jo hotey Musaman bhi Ek"

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faizan
Guest

fitne ki aag to TumNe lagaye hai abdul wahab najdi ne

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