हिकायत – पार्ट 2: आदम (अलैहि सलाम) और बीबी हव्वा (अलैहि सलाम)

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हज़रत आदम (अलैहि सलाम) और बीबी हव्वा (अलैहि सलाम) को ज़मीन पर उतारा गया.

अज़ीज़ दोस्तों! जब शैतान मरदूद और लानती हो गया तो उसके जन्नत मे दाखीले पर पाबन्दी लग गई। अब वो जन्नत मे दाखील नहीं हो सकता था।

✦ आदम अलैहि सलाम की तखलीख:

हज़रत आदम (अलैहि सलाम) जब उठ कर बैठ गए तो उन्हे छींक आ गई और तब आदम (अलैहि सलाम) ने अल्हम्दुलिल्लाह के अल्फ़ाज़ अदा किया। अल्लाह सुभानहू ता’आला ने आदम (अलैहि सलाम) को इल्म और हिक़मत की बाते सिखाई, गरज़ ये की आज दुनिया मे जितनी भी ज़ुबाने, भाषाये, या बोली, बोली जाती है वो सब और दुनिया की तमाम उलूम सिखाए और तमाम चीज़ों के नाम भी सिखाए. फ़िर अल्लाह ता’आला ने तमाम फ़रिश्तों के सामने आदम (अलैहि सलाम) को हुक्म दिया। “ऐ आदम ! बयान कर जो भी बाते और इल्म, मैंने तुझे सिखाई है, अगर तू सच्चा है।”

आदम (अलैहि सलाम) ने वह सारी बाते इल्म जो अल्लाह ता’आला ने उन्हे सिखाई थी सब फरिश्तों के सामने बयान कर दी। इस पर तमाम फरिश्तों ने एक साथ कहा “पाक है तू, ऐ हमारे रब ! बेशक़ तू जो जानता है, हम वह नहीं जानते।” और अल्लाह ता’आला ने हज़रत आदम को जन्नत मे रहने का हुक्म दिया, और इस तरहा आदम (अलैहि सलाम) जन्नत मे रहने लगे।

✦ बीबी हव्वा की तखलीक :

जन्नत मे खाने पीने और घूमने फिरने को बहूत कूछ था लेकिन तन्हा अकेले होने की वजह से आदम (अलैहि सलाम) उदास रहेने लगे। फिर अल्लाह तआला ने आदम (अलैहि सलाम) की बायी पसली से बीबी हव्वा को बनाया इस् तरहा वो दोनों एक दूसरे का साथ पा कर खूशी खूशी जन्नत मे रहेने लगे।

अल्लाह त’आला ने फरमाया “तुम दोनों जन्नत मे जो चाहे खावों पियो और घूमो फिरो, लेकिन खबरदार उस ममनुवा सजर (पेड़) के पास मत जाना और उस का फल मत खाना वरना तूम लोग ज़ालिमो मे से हो जाओगे।” एक रिवायेत मे है की वो सजर (पेड़) गंदूम (गेहू) का था या उस से मिलता जूलता था। (अल्लाहू आलम)

रिवायतो मे आता है के इब्लीस ने सांप की सूरत मे बीबी हव्वा और आदम (अलैहि सलाम) से मुलाकात की और कहा ”मै तुम्हारा खैरख्वाह हूँ, तूम दोनों ने जन्नत के उस सजर का फल क्यों नहीं खाया है ? इस पर वो दोनों बोले की “हमे अल्लाह तअला ने उस सजर से दूर रहने के लिए कहा है इसलिए हम ने वो फल नहीं खाया। “

✦ शैतान का आदम और हव्वा को बेहकाना :

जब आदम (अलैहि सलाम) सो गये तो शैतान ने बीबी हव्वा को बहकाया और कहा ”अल्लाह तअला ने तुम्हें वो फल खाने से इसलिए मना किया है की वो फल खा कर तूम फरिश्ते ना बन जावों और हमेशा के लिए जन्नत मे न रहेने लगो। “बीबी हव्वा ने शैतान के बहकावे मे आकर फल खा लिया और जब आदम (अलैहि सलाम) सो कर जागे तो उन्हे भी बहूत इसरार कर के वो फल खिला दिया।“

जैसे ही उन दोनों ने वो फल खाया उनका जन्नत का लिबास उतर गया और वो दोनों शरम के मारे अपनी अपनी शर्मगाह छूपाने लगे तब ही अल्लाह तआला ने कहा “मैंने तूम से नहीं कहा था की उस सजर के पास मत जाना और उसका फल मत खाना। तूम दोनों ने अपनी जान पर जूल्म किया।“

आदम (अलैहि सलाम) को अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होने अल्लाह तआला की बारगाह मे अपने गूनाह की मुआफी मांगी।
अल्लाह ताला ने इसी वाकिये को कुरान मे यूं बयान फरमाया और कहा:
“तब शैतान ने आदम और हव्वा को धोका देकर वहां से डगमगाया और आखिरकार उनको जिस (ऐश व राहत) मे थे उनसे निकाल फेका और हम (अल्लाह) ने कहा (ऐ आदम व हव्वा) तूम ज़मीन पर उतर पड़ो। तूम मे से एक का एक दुश्मन होगा और ज़मीन मे तुम्हारे लिए एक खास वक़्त (क़यामत) तक ठहराव और ठिकाना है।” – (सूरह बकरह 2:36)

Reference: (Qasas-Ul-Ambiya Roman Urdu Script by Mohammed Rafique)

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Rizwan Khan
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Rizwan Khan

Alhmdulillah

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Vaseem khan

“ALHAMDULILLAH”