गुलामो का ये कहना के नाकिस है ये किताब

दुनिया परस्ती के फ़ितनो में मुब्तेला होकर अल्लाह की नाजिल करदा किताब (कुरान) से दूरी इख़्तियार करने वाले बाज़ मुसलमानों का नजरिया बयांन करते हुए डॉ.अल्लामा इकबाल अपने अशार में कहते है के:

गुलामो का ये कहना के नाकिस है ये किताब

सिखाती नहीं हमे गुलामी के उसूल

– डॉ. अल्लामा इकबाल

*मसलन: बाज़ दुनिअपरस्तो का कहना है के – भाई इस किताब (कुरान) में मेरे काम की क्या चीज़ है ?

यानी ! अगर मै किसी का मर्डर कर के जेल में गया तो – जेल में किस तरह एंटर होना ? , दाया क़दम पहले रखना या बाए से शुरुवात करना,  जेल में किस करवट सोना ?, दाये हाथ चक्की पिसना या बाये से पिसना ?

🙂 तो गुलामो का ये कहना के नाकिस है ये किताब , जो सिखाती नहीं हमे गुलामी के उसूल !

सुभानअल्लाह ! अरे नादान, तेरे रब ने तुझे दुनिया की रहनुमाई का ज़िम्मा दिया फिर भी तू  है  दुनीआ की गुलामी में मशगुल ,..

#सबक: यक़ीनन ये कुरान हमे दुनिया की ग़ुलामी नहीं बल्कि दुनिया की इमामत का ज़िम्मा सिखाने आई है I

♥ अल्लाह हम सबको इसे पढने,  समझने और इसके ऐह्कामो पे अमल की तौफीक दे

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