Browsing Category

News

क्यों हमेशा ईद मिलाद की मुखालिफत की जाती है ? जानिए एक कड़वा सच

एक अरसे तक मुनाफिको ने हमारे नबी (स.) की वफात के दिन १२ रब्बिउल अव्वल को जश्न मनाया, और ये तारीख १२ वफात के नाम से मशहूर हुई, इसी नाम से यहाँ स्कूल और सरकारी छुट्टिया दी जाती रही. लेकिन जब उम्मत में शऊर आने लगा और लोग सवाल करने लगे के १२…
Read More...

माशाल्लाह! शादी की सालगिरह में ऐसा काम, किया मंदिर और मस्जिद दोनो ने इन्तेजाम

अस्सलामो अलैकुम , मैं मोहम्मद इम्तियाज,जिस तरह अपने शादी के वक्त एक कैंपेन,"एंटी डोरी कैंपेन लड़कियां रहमत है जहमत नहीं" की शुरुआत की थी। और वलीमा के जगह को तख्तियों पर मैसेज लिख कर लोगों को मैसेज देने की कोशिश की थी। उसी तरह शादी के 1 साल…
Read More...

रोहिंग्या मुसलमान कौन हैं और इन पर इतना ज़ुल्म क्यों ?

रोहिंग्या मुसलमान बौद्ध बहुल देश म्यांमार के रखाइन प्रांत में शताब्दियों से रह रहे हैं। इनकी आबादी क़रीब दस लाख से 15 लाख के बीच है। लगभग सभी रोहिंग्या म्यांमार के रखाइन (अराकान) में रहते हैं और यह सुन्नी इस्लाम को मानते हैं। रोहिंग्या…
Read More...

Azaan ki Awaz se bujh gayi aag

इंदौर (मध्यप्रदेश) शहर के बाम्बें बाजार की एक होटल में गैस की टंकी में आग लगी, जब सब कोशिश करने के बाद भी आग नहीं बुझी, तो आगे आकर एक अल्लाह के बन्दे ने अजान पढ़ी और आग बुझ गयी | खैर अज़ान की फ़ज़ीलत से मुतालिक पहले भी ऐसे कई दिलचस्ब…
Read More...

जानिए – क्यों मनायी जाती है बकरी ईद

ईद उल अज़हा को सुन्नते इब्राहीम भी कहते है। इस्लाम के मुताबिक, अल्लाह ने अपने नबी(प्रेषित) हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की परीक्षा लेने के उद्देश्य से अपनी सबसे प्रिय चीज की कुर्बानी देने का हुक्म दिया। - हजरत इब्राहिम को लगा कि उन्हें सबसे…
Read More...

आज़ादी मुबारक …. ये आज़ादी हमें याद दिलाती है (Happy Independence Day)

*तमाम हिन्दोस्तानी भाई बहनों को यौम-ए-आज़ादी मुबारक(happy independence day).... ये आज़ादी हमें याद दिलाती है, कि हम उन ज़ालिम अंग्रेजो से मुकाबला कर के कभी उनके चंगुल से छूट न पाएँ, इसलिए 1857 की आज़ादी की पहली जंग के बाद अंग्रेजो ने…
Read More...

जो ATS ना कर सकी वो मीडिया ने कर दिखाया | आतंकवाद के इलज़ाम में बेगुनाह मुसलमानों को फसाया

सूत्रों के अनुसार पता चला के कल उत्तर प्रदेश के देवबंद से ६ मुसलमानो को आतंकी होने के शक में गिरफ्तार कर लिया गया, फिर पूरी तहकीक के बाद ATS ने उन्हें बाइज्ज़त बरी भी कर दिया,.. ऐसी मीडिया के लिए २१ तोपों की सलामी तो बनती है जो बेगुनाह…
Read More...