"the best of peoples, evolved for mankind" (Al-Quran 3:110)
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बेटे के कातिल को मुआफ कर अब्दुल मोमिन ने दुनिया भर को दिया इस्लाम का असल पैगाम

अमेरिका में एक मुस्लिम पिता ने अपने बेटे के कातिल को मुआफ कर के इस्लाम की असल तस्वीर पेश की हैं, पिता ने कहा के ये मुआफी उसके बेटे के कातिल के लिए इस्लाम का सबसे बड़ा तोहफा होगा | *विडियो देखे: अमेरिका एक कोर्ट ने जैसे ही हत्यारे…

Hindu bhai ne Marne se Pahle Ki Qabrsthan me Dafnane ki Wasiyat

उत्तर प्रदेश के झाँसी में एक हिन्दू भाई मदन मोहन यादव ने मरने से पहले वसीयत में कहा के उन्हें हिन्दू रीती रिवाज से चिता जलाने के बजाये उन्हें मुसलमानों की तरह कब्रस्तान में दफनाया जाये,.

३ साल की कड़ी मेहनत के बाद राजीव भाई ने पेश किया कुरान का मारवाड़ी अनुवाद

जी हाँ ! जहा आज दुनिया भर में कुरान और इस्लाम के खिलाफ न जाने कितनी किताबे लिखी जा रही है, वही अल्लाह के फज्लो करम से कुरान के पैगामे हक को लोगो में आम करने की खिदमत में भी अल्लाह के बन्दे दिन रात कड़ी से कड़ी मेहनत कर रहे,.  ताज्जुब की बात…

क्यों हमेशा ईद मिलाद की मुखालिफत की जाती है ? जानिए एक कड़वा सच

एक अरसे तक मुनाफिको ने हमारे नबी (स.) की वफात के दिन १२ रब्बिउल अव्वल को जश्न मनाया, और ये तारीख १२ वफात के नाम से मशहूर हुई, इसी नाम से यहाँ स्कूल और सरकारी छुट्टिया दी जाती रही. लेकिन जब उम्मत में शऊर आने लगा और लोग सवाल करने लगे के १२…

माशाल्लाह! शादी की सालगिरह में ऐसा काम, किया मंदिर और मस्जिद दोनो ने इन्तेजाम

अस्सलामो अलैकुम , मैं मोहम्मद इम्तियाज,जिस तरह अपने शादी के वक्त एक कैंपेन,"एंटी डोरी कैंपेन लड़कियां रहमत है जहमत नहीं" की शुरुआत की थी। और वलीमा के जगह को तख्तियों पर मैसेज लिख कर लोगों को मैसेज देने की कोशिश की थी। उसी तरह शादी के 1 साल…

रोहिंग्या मुसलमान कौन हैं और इन पर इतना ज़ुल्म क्यों ?

रोहिंग्या मुसलमान बौद्ध बहुल देश म्यांमार के रखाइन प्रांत में शताब्दियों से रह रहे हैं। इनकी आबादी क़रीब दस लाख से 15 लाख के बीच है। लगभग सभी रोहिंग्या म्यांमार के रखाइन (अराकान) में रहते हैं और यह सुन्नी इस्लाम को मानते हैं। रोहिंग्या…

Azaan ki Awaz se bujh gayi aag

इंदौर (मध्यप्रदेश) शहर के बाम्बें बाजार की एक होटल में गैस की टंकी में आग लगी, जब सब कोशिश करने के बाद भी आग नहीं बुझी, तो आगे आकर एक अल्लाह के बन्दे ने अजान पढ़ी और आग बुझ गयी | खैर अज़ान की फ़ज़ीलत से मुतालिक पहले भी ऐसे कई दिलचस्ब…

जानिए – क्यों मनायी जाती है बकरी ईद

ईद उल अज़हा को सुन्नते इब्राहीम भी कहते है। इस्लाम के मुताबिक, अल्लाह ने अपने नबी(प्रेषित) हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की परीक्षा लेने के उद्देश्य से अपनी सबसे प्रिय चीज की कुर्बानी देने का हुक्म दिया। - हजरत इब्राहिम को लगा कि उन्हें सबसे…

आज़ादी मुबारक …. ये आज़ादी हमें याद दिलाती है (Happy Independence Day)

*तमाम हिन्दोस्तानी भाई बहनों को यौम-ए-आज़ादी मुबारक(happy independence day).... ये आज़ादी हमें याद दिलाती है, कि हम उन ज़ालिम अंग्रेजो से मुकाबला कर के कभी उनके चंगुल से छूट न पाएँ, इसलिए 1857 की आज़ादी की पहली जंग के बाद अंग्रेजो ने…