"the best of peoples, evolved for mankind" (Al-Quran 3:110)
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इस्लाम के बारे में संदेह और उत्तर

जानिए – क्यों मनायी जाती है बकरी ईद

ईद उल अज़हा को सुन्नते इब्राहीम भी कहते है। इस्लाम के मुताबिक, अल्लाह ने अपने नबी(प्रेषित) हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की परीक्षा लेने के उद्देश्य से अपनी सबसे प्रिय चीज की कुर्बानी देने का हुक्म दिया। - हजरत इब्राहिम को लगा कि उन्हें सबसे…

तलाक, हलाला और खुला की हकीकत (Talaq, Halala aur Khula Ki Hakikat)

• तलाक की हकीकत: यूं तो तलाक़ कोई अच्छी चीज़ नहीं है और सभी लोग इसको ना पसंद करते हैं इस्लाम में भी यह एक बुरी बात समझी जाती है लेकिन इसका मतलब यह हरगिज़ नहीं कि तलाक़ का हक ही इंसानों से छीन लिया जाए, पति पत्नी में अगर किसी तरह भी निबाह नहीं…

Kya Guru Nanak Ji Makka Gaye they [ क्या गुरुनानक जी मक्का गए थे] ?

अक्सर हमारे सिख भाइयो में ये बात मानी जाती है के “जब गुरुनानक जी मक्का गए तो वहां पर जिस तरफ अपना पाँव करते उस तरफ काबा आ जाता ,..” नौज़ुबिल्लाह ! *बराए मेहरबानी हिकमत के साथ इनकी इस्लाह के लिए इस विडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करने में…

ताजियों का इस्लाम से नहीं कोई रिश्ता , जानिए ताजियों के शुरूआत की हकीकत

मुहर्रम कोई त्योहार नहीं है, यह सिर्फ इस्लामी हिजरी सन् का पहला महीना है। पूरी इस्लामी दुनिया में मुहर्रम की नौ और दस तारीख को मुसलमान रोजे रखते हैं और मस्जिदों-घरों में इबादत की जाती है। क्यूंकि ये तारीख इस्लामी इतिहास कि बहुत खास तारीख…

क्या इस्लाम औरतों को पर्दे में रखकर उनका अपमान करता है?

» उत्तर: इस्लाम में औरतों की जो स्थिति है, उसपर सेक्यूलर मीडिया का ज़बरदस्त हमला होता है। वे पर्दे और इस्लामी लिबास को इस्लामी क़ानून में स्त्रियों की दासता के तर्क के रूप में पेश करते हैं। इससे पहले कि हम पर्दे के धार्मिक निर्देश के पीछे…

जानिए- क्यों मनाई जाती ही क़ुरबानी ईद ? (क़ुरबानी की हिक़मत)

"कह दो कि मेरी नमाज़ मेरी क़ुरबानी 'यानि' मेरा जीना मेरा मरना अल्लाह के लिए है जो सब आलमों का रब है" - (कुरआन 6:162) *बकरा ईद का असल नाम "ईदुल-अज़हा" है, मुसलमानों में साल में दो ही त्यौहार मजहबी तौर पर मनाए जाते हैं एक "ईदुल फ़ित्र" और दूसरा…

हज की हिकमत …

यह बात हर मुसलमान जानता है कि हज इस्लाम की बुन्यादों में से एक है, और हज अदा करने के फज़ाईल भी लोग आम तौर पर जानते ही हैं लेकिन अक्सर मुसलमान "हज की हिकमत (Logic)" से अनजान हैं और जिस इबादत से हिकमत निकल जाती है वह इबादत एक बेजान जिस्म की…