"the best of peoples, evolved for mankind" (Al-Quran 3:110)
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इस्लाम का परिचय हिंदी में

इस्लाम का परिचय हिंदी भाषा में

दुआ इबादत है – तो इबादत के उसूल – हदीस की रौशनी में

♥ मह्फुम ऐ हदीस: हजरत अब्दुल्लाह इब्न अब्बास (रज़ि0) का बयान है कि एक दिन मैं अल्लाह के अन्तिम रसूल मुहम्मद (सलाल्लाहो अलैहि वसल्लम) के पीछे सवारी पर बैठा था कि आपने फऱमायाः ऐ बेटे! मैं तुम्हें कुछ बातें सिखाता हूं: अल्लाह को याद रख, अल्लाह…

मुसलमान से आप की दुश्मनी धार्मिक है या राजनैतिक

जी हा ! सोशल मीडिया पर मुसलमानों ने कुछ सवाल पूछना शुरू कर दिया है उनका कहना है जो लोग हमारे खिलाफ ज़हर उगलते है वो इन सवालो का जवाब दें या गौर करें कि क्या सिर्फ राजनीती के लिए हमारे खिलाफ ज़हर उगला जाता है। मौजूदा हालात में फैलती नफरत के…

अकीदा क्या होता है ? और इसका महत्त्व

1- प्रश्नः वह कलमा जिसे बोलकर एक आदमी मुसलमान बनता है क्या है और उसका अर्थ क्या होता है ? उत्तरः वह कलमा जिसे बोलकर एक आदमी मुसलमान बनता है कलमा शहादत ( अश्हदु अल्ला इलाहा इल्लल्लाहु व अश्हदु अन्न मोहम्मदन रसूलुल्लाह) है। जिसका अर्थ होता है…

जानिए – क्यों मनायी जाती है बकरी ईद

ईद उल अज़हा को सुन्नते इब्राहीम भी कहते है। इस्लाम के मुताबिक, अल्लाह ने अपने नबी(प्रेषित) हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की परीक्षा लेने के उद्देश्य से अपनी सबसे प्रिय चीज की कुर्बानी देने का हुक्म दिया। - हजरत इब्राहिम को लगा कि उन्हें सबसे…

हदीस का परिचय ….

पवित्र क़ुरआन के बाद मुसलमानों के पास इस्लाम का दूसरा शास्त्र अल्लाह के रसूल मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की कथनी और करनी है जिसे हम हदीस और सीरत के नाम से जानते हैं। ♥ हदीस की परिभाषाः हदीस का शाब्दिक अर्थ है: बात, वाणी और ख़बर।…

आखिरत – इस्लाम की तीसरी अनिर्वाय आस्था

आखिरत का अर्थ होता है – परलोकवाद (अंतिम प्रलय या मृत्यु के पच्छात जीवन पर विश्वास): *जैसे के: हम इस जीवन से पहले मृत्य थे, इश्वर(अल्लाह) ने हमे पृथ्वी पर भेजा (जीवन दिया).. तो एक मृत्यु और उसके बाद ये जीवन एक हुआ ,. इस जीवन के बाद फिर एक…

रिसालत – इस्लाम की दूसरी अनिर्वाय आस्था

*रिसालत का अर्थ होता है के जब अल्लाह ने पृथ्वी पर मानवो को भेजा तो मानव क्या करे और क्या ना करे , कैसे जीवन व्यक्त करे इसके मार्गदर्शन के लिए इश्वर(अल्लाह) मानवो में से एक मानव को चुन लेता था फिर वो अपनी वाणी उस तक भेजता था और फिर उन्हें…

तौहीद – इस्लाम की पहली अनिर्वाय आस्था

इस्लाम की सबसे पहली जो आस्था है तौहिद इसको हम आपके सामने रखते है जो मानवता को बताने के लिए इश्वर (अल्लाह) ने हर समय, हर समुदाय, हर जाती के अंदर प्रेषित (नबी, इश्दुत) भेजे ताकि मानवों को बता दे और उनका रिश्ता श्रुष्टि के रचियेता एक इश्वर से…

इस्लाम की मूल आस्थाये

इस्लाम की मुल आस्थाये ३ है , जिन्हें मानना सम्पूर्ण मानवजाति के लिए अनिर्वाय (Compulsory) है | १) तौहिद – एकेश्वरवाद (एक इश्वर में आस्था रखना) २) रिसालत – प्रेशित्वाद (इशदुत, नबी, Messengers) ३) आखिरत – परलोकवाद (मृत्यु के बाद का जीवन)

अल्लाह कौन है ?

हमारे मन में यह प्रश्न बार बार उभरता है कि अल्लाह कौन है ? वह कैसा है ? उस के गुण क्या हैं ? वह कहाँ है ? अल्लाह का शब्द मन में आते ही एक महान महिमा की कल्पना मन में पैदा होती है जो हर वस्तु का स्वामी और रब हो। उसने हर वस्तु को एकेले…