इस्लाम को बद्दनाम करनेवाले दुशम्नाने दीन के शर्र से बचे (beware Fake News by nonmuslims agendas)

कई दिनों से एक फेक न्यूज़ सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है के सऊदी के धर्मगुरु ने कहा के “गैरअरबी मुस्लिम कनवर्टेड है और हमारे कुत्ते कहलाने के लायक है”

अफ़सोस की बात है के इस न्यूज़ को कुछ मुसलमानो ने भी सोशल मिडिया पर शेयर कर अपनी जहालत का इजहार किया.. आईये इस फेक न्यूज़ की हकीकत पर गौर करते है,.

सबसे पहली बात , ऐसा कोई फतवा किसी भी मुफ़्ती या आलिम ने नहीं दिया है,
और दूसरी बात ये है के यह अफवाह भरी न्यूज़ इस्लाम को बद्दनाम करने के लिए उन लोगों ने इन्टरनेट पर पोस्ट की है जो खुद इंसानों में उंच नीच की घटिया जाती व्यवस्था में जी रहे है,.. उंच नीच ही उनके धर्म का मूल सिधान्त है ,.

*लेकिन ये बोहोत अफसोस की बात है के हमारे कुछ मुसलमान भी इनकी बातो में आकर इस न्यूज़ को शेयर करने लगे और अपनी जहालत से ऐसे Antimuslim(इस्लाम के खिलाफ) चलने वाली कलम के फ़ितनो का साथ दे रहे है ,..
*वरना वो जरुर जानते के अलाह्म्दुलिल्लाह! कुराने मजिद और अल्लाह के नबी (सलाल्लाहो अलैहि वसल्लम) की आहादीस (वचन) में बेहिसाब तालीम दी गयी के, “इंसानों में कोई भेदभाव नहीं , ना कोई अरबी किसी गैरअरबी पर श्रेष्टता रखता है, न ही कोई गोरा किसी काले पर गर्व कर सकता है क्यूंकि पूरी इंसानियत एक माता पिता (आदम और हव्वा) की संतान है “और इश्वर(अल्लाह) के नजदीक ऊँचा तो वो है जो इश्पारायण(तकवा) रखता हो”

*और इसका सबूत भी आप नमाज़ में, हज में देखते है के कोई अरबी और गैर अरबी का division नहीं होता, ना ही कोई काले और गोरे अलग अलग नज़र आयेंगे, बल्कि सब लोग मिलकर कांधे से कांधे मिलाकर एक अल्लाह की इबादत करते है ,..

लेकिन ये बात उन् लोगो को हज़म कैसे हो जो खुद को दुसरो से श्रेष्ट समझते है,.. हमारा मकसद किसी धर्म के खिलाफ लिखना नहीं है, बस इस पोस्ट के जरये हम आपको अहसाह दिलाना चाहते है के इस्लाम उन तमाम गंदगी से पाक है जो इंसानों ने अपने फायदे के लिए बनायीं है,.

*इंसानी मसावात(human equelity) के इस तालीम से उन लोगो को बोहोत नुक्सान हुआ जो खुद को दुसरो से अफज़ल समझते है ,.
लिहाजा उन्होंने शुरू किया मुसलमानों में से उन लोगो के जेहन में अपना जहर भरना जो इस्लाम की तालीमात से बेखबर है ,. और उसका नतीजा आज हम देख ही रहे है.. अफसोस आज बर्रे सगीर (इंडिया, पाकिस्तान, बांग्लादेश) के बाज़ ऐसे मुस्लमान है जो अरब की पाक सरज़मीन जहा अल्लाह ने अपना आखरी नबी भेजा वही के लोगो को जहालत में गालिया देते है ,..
*बहरहाल अरब से बुग्ज़ की साजिश कहा से शुरू हुई ये जानने के लिए आप इस पोस्ट का मुताला करे ,.
*Arab se Bugz ki Sajish Aur Uski Haqeeqat

*तो इन्ही बेवकूफ मुसलमानो के बेवकूफी का फायदा उठाकर इस्लाम के दुश्मनों ने इस्लाम को बोहोत बद्दनाम करने की कोशिश की,. लेकिन अलाह्म्दुलिल्लाह ! इस्लाम हर दौर में इनके शर्र पे ग़ालिब रहा ,..

*तो लिहाजा हमारी आप तमाम से इल्तेजा है, के ऐसी कोई भी पोस्ट सोशल मीडिया पर नज़र आये तो उसे बगैर जाँच पड़ताल के शेयर न करे,.. किसी समझदार इन्सान से राबता कर इसके ताल्लुक से इल्म हासिल करे , वरना लोग आपको किस हद्द तक गुमराही में ले जा सकते है ये तो सिर्फ एक ही नमूना है जिसके ताल्लुक से हमने इस पोस्ट में वजाहात करने की कोशिश की है ,..

*आप तमाम हजरात से दरख्वास्त है के, इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करे, हो सकता है आपके की वजह से ये पोस्ट हमारे ऐसे मुसलमान और गैरमुस्लिम भाई तक पोहोच जाये जो आज तक इस्लाम में उंच नीच के अंधविशवास को सही समझ रहा हो, और आपके जरये वो इस बात से बाखाबर हो जाये के अलाह्म्दुलिल्लाह , इस्लाम उंच नीच जैसी तमाम घटिया चीजों से पाक है ,..
– जज़कअल्लाहु खैरंन कसीरा

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1 Comment on "इस्लाम को बद्दनाम करनेवाले दुशम्नाने दीन के शर्र से बचे (beware Fake News by nonmuslims agendas)"

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Royal ahmed
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Hadith’s aur digar jankaari ke liye kahan surch karen

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